बैलआश्रय: ग्रामीण रोजगार और कोल्हू का शुद्

बैलआश्रय एक अनूठी सामाजिक और ग्रामीण विकास की पहल है, जो बेसहारा और असहाय बैलों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार के नए अवसर भी सृजित करती है। इस पहल के तहत कोल्हू का शुद्ध तेल उत्पादन, जैविक खेती, पशुपालन और प्राकृतिक खाद निर्माण जैसे पारंपरिक कार्यों को बढ़ावा दिया जाता है। बैलआश्रय न केवल पशु संरक्षण का कार्य कर रहा है, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता, स्वस्थ जीवनशैली और भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
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