भारतीय परंपरा में कृषि को जीवन और समाज की आधारशिला माना गया है। वहीं स्वास्थ्य को संतुलित एवं सुखमय जीवन का महत्वपूर्ण आधार समझा गया है। पारंपरिक कृषि ज्ञान, प्रकृति के साथ सामंजस्य, प्राकृतिक संसाधनों का महत्व और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक दृष्टिकोण भारतीय जीवन-दर्शन के महत्वपूर्ण पहलू हैं। यह पुस्तक इन विषयों को भारतीय सांस्कृतिक एवं पारंपरिक संदर्भ में समझने के इच्छुक पाठकों के लिए उपयोगी है।